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(Health: An Invaluable Treasure)
(Class 8 Science Notes in Hindi)
स्मरणीय बिंदु
- स्वास्थ्य का अर्थ है पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति न कि मात्र रोगों की अनुपस्थिति।
- प्रसन्न रहना हमें सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखता है। साथ ही अच्छा स्वास्थ्य हमारी मनोदशा को भी बेहतर करता है। स्वास्थ्य और प्रसन्नता का परस्पर घनिष्ठ संबंध है।
- रोग शरीर या मन के सामान्य कार्य प्रणाली को बाधित करता है।
- लक्षण वे होते हैं जिनका हम अनुभव करते हैं, जैसे— पीड़ा या थकान। इसके साथ ही संकेत वे होते हैं जो देखे या मापे जा सकते हैं, जैसे— चकत्ते या ज्वर (बुखार)।
- असंचरणीय रोग, जैसे— मधुमेह और हृदय रोग, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारणों से होते हैं, रोगाणुओं से नहीं। इनकी रोकथाम प्राय: स्वस्थ आदतों के अनुपालन, जीवनशैली में परिवर्तन और नियमित व्यायाम से की जा सकती है।
- संक्रामक रोग जीवाणु, विषाणु अथवा कृमि जैसे रोगजनकों से होते हैं।
- हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली हानिकारक रोगजनकों से हमें बचाती है।
- टीके किसी रोगाणु के मृत, क्षीणकृत या हानिरहित भाग होते हैं और रोगों की रोकथाम के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित करते हैं।
- रोग का उचित निदान रोग के प्रबंधन और उपचार के लिए आवश्यक है।
8th Class Science अध्याय 3: "स्वास्थ्य: एक अमूल्य निधि"
जिज्ञासा बनाए रखें : अभ्यास प्रश्नों के उत्तर सरल हिंदी में यहाँ दिए गए हैं:
प्रश्न 1.
उत्तर:
संचरणीय रोग: ये रोग वायरस, बैक्टीरिया या अन्य सूक्ष्मजीवों के कारण होते हैं और हवा, पानी, भोजन या सीधे संपर्क के माध्यम से फैल सकते हैं। जैसे: छींकने से जुकाम का फैलना।
असंचरणीय रोग: ये रोग जीवनशैली, आनुवंशिकता या शरीर के अंगों के सही ढंग से काम न करने के कारण होते हैं। ये छूने या साथ रहने से नहीं फैलते। जैसे: इंसुलिन की कमी से मधुमेह होना।
श्रेणी (Category) |
रोगों के नाम (Names of Diseases) |
संचरणीय रोग (Communicable Diseases) (वे रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं) |
1. सर्दी-जुकाम और फ्लू (Common Cold and Flu) 2. आंत्र ज्वर - टाइफ़ॉइड (Typhoid) 3. छोटी माता - चिकनपॉक्स (Chickenpox) |
असंचरणीय रोग (Non-communicable Diseases) (वे रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते) |
1. मधुमेह - डायबिटीज (Diabetes) 2. अस्थमा - दमा (Asthma) |
प्रश्न 2. रोगों को व्यापक रूप से संचरणीय और असंचरणीय रोगों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से असंचरणीय रोगों को पहचानिए।
(i) आंत्र ज्वर (ii) अस्थमा (iii) मधुमेह (iv) खसरा
(क) (i) और (ii) (ख) (ii) और (iii) (ग) (i) और (iv) घ (ii) और (iv)
उत्तर: (ख) (ii) और (iii)
व्याख्या: अस्थमा और मधुमेह असंचरणीय रोग हैं क्योंकि ये एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते, जबकि आंत्र ज्वर (टाइफाइड) और खसरा संक्रामक या संचरणीय रोग हैं।
प्रश्न 3. आपके विद्यालय में फ्लू का प्रकोप हुआ है। आपके अनेक सहपाठी अनुपस्थित हैं जबकि कुछ खाँसते और छींकते हुए विद्यालय आ रहे हैं।
(i) संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए विद्यालय द्वारा तत्काल क्या उपाय किए जाने चाहिए?
उत्तर: विद्यालय को निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:
बीमार छात्रों को स्वस्थ होने तक घर पर आराम करने की सलाह देनी चाहिए।
कक्षाओं और सामान्य क्षेत्रों (जैसे डेस्क, दरवाजे के हैंडल) को नियमित रूप से सैनिटाइज करना चाहिए।
छात्रों को हाथ धोने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करना चाहिए।
प्रार्थना सभा या भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों को कुछ समय के लिए स्थगित करना चाहिए।
(ii) यदि आपके साथ बेंच पर बैठने वाले सहपाठी में फ्लू के लक्षण दिखने लगें तो आप उन्हें दुःख अथवा ठेस पहुँचाए बिना कैसे प्रतिक्रिया देंगे?
उत्तर: मैं उनसे सहानुभूति पूर्वक बात करूँगा/करूँगी और कहूँगा/कहूँगी, "तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं लग रही है, तुम्हें आराम की ज़रूरत है।" मैं उन्हें शालीनता से मास्क पहनने का सुझाव दूँगा/दूँगी और उन्हें स्कूल के डॉक्टर या टीचर को दिखाने में मदद करूँगा/करूँगी ताकि उन्हें सही इलाज मिल सके और वे जल्दी ठीक हो सकें।
(iii) इस स्थिति में आप स्वयं को और दूसरों को संक्रमित होने से कैसे बचा सकते हैं?
उत्तर: स्वयं को और दूसरों को बचाने के तरीके:
छींकते या खाँसते समय रूमाल या कोहनी का उपयोग करना।
नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना।
चेहरे, नाक और आँखों को बार-बार छूने से बचना।
यदि मुझे स्वयं लक्षण महसूस हों, तो दूसरों से दूरी बनाए रखना और घर पर रहना।
पौष्टिक आहार लेना ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बनी रहे।
प्रश्न 4. आपका परिवार ऐसे स्थान पर यात्रा की योजना बना रहा है जहाँ मलेरिया का प्रकोप है।
(i) यात्रा से पूर्व, यात्रा के समय और यात्रा के पश्चात आपको कौन-कौन सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर: यात्रा से पूर्व: डॉक्टर से सलाह लेकर मलेरिया रोधी दवाएँ (Antimalarial drugs) लेना शुरू करें।
यात्रा के समय: पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें और शरीर पर मच्छर भगाने वाली क्रीम (Repellent) लगाएँ। रुके हुए पानी के पास जाने से बचें।
यात्रा के पश्चात: यदि घर लौटने के बाद बुखार, ठंड लगना या सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत रक्त की जाँच करवाएँ और डॉक्टर को अपनी यात्रा के बारे में बताएँ।
(ii) आप अपने भाई अथवा बहन को मच्छरदानी या मच्छर प्रतिकर्षी का महत्त्व कैसे समझाएँगे?
उत्तर: मैं उन्हें समझाऊँगा/समझाऊँगी कि मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छरदानी और प्रतिकर्षी (Repellents) हमारे चारों ओर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं, जो मच्छरों को हमारे पास आने से रोकते हैं। इससे हम बिना बीमार पड़े अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं।
(iii) यदि ऐसे क्षेत्रों में यात्री स्वास्थ्य सलाह की अनदेखी करते हैं तो क्या हो सकता है?
उत्तर: स्वास्थ्य सलाह की अनदेखी करने से यात्री मलेरिया से संक्रमित हो सकते हैं। मलेरिया एक गंभीर बीमारी है जिससे तेज बुखार, शरीर में कमजोरी और समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा भी हो सकता है।
प्रश्न 5. आपके चाचाजी ने अपने मित्रों की संगत में पड़कर धूम्रपान करना आरंभ कर दिया है जबकि यह सर्वविदित है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
(i) आप उन्हें ठेस पहुँचाए बिना उनसे ऐसा क्या कहेंगे जिससे कि वे इसे छोड़ दें?
उत्तर: मैं उनसे प्यार से कहूँगा/कहूँगी, "चाचाजी, हम सब आपसे बहुत प्यार करते हैं और आपको हमेशा स्वस्थ देखना चाहते हैं। धूम्रपान आपकी सेहत और फेफड़ों को नुकसान पहुँचा सकता है। क्या आप हमारे लिए अपनी सेहत का ध्यान रखेंगे और इसे छोड़ने की कोशिश करेंगे?"
(ii) यदि आपके मित्र ने पार्टी में आपको धूम्रपान करने के लिए कहा तो आप क्या करेंगे?
उत्तर: मैं दृढ़ता लेकिन विनम्रता के साथ "नहीं" कहूँगा/कहूँगी। मैं उसे स्पष्ट कर दूँगा/दूँगी कि मुझे अपनी सेहत की चिंता है और मैं ऐसी किसी भी आदत को बढ़ावा नहीं देना चाहता/चाहती जो मेरे शरीर के लिए हानिकारक हो।
(iii) विद्यालय ऐसी हानिकारक आदतों से विद्यार्थियों को बचाने में कैसे सहायता कर सकते हैं?
उत्तर: विद्यालय निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं:
नियमित रूप से स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और कार्यशालाएं आयोजित करना।
नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाले पोस्टर और फिल्मों का प्रदर्शन करना।
छात्रों के लिए परामर्श (Counseling) सत्र आयोजित करना।
खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना ताकि छात्र सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रहें।
प्रश्न 6. सानिया अपनी सखी विनीता से कहती है, "प्रतिजैविक (Antibiotics) औषधियाँ किसी भी संक्रमण को ठीक कर सकती हैं इसलिए हमें रोगों की चिंता नहीं करनी चाहिए।" विनीता ऐसे कौन-कौन से प्रश्न पूछ सकती है जिससे सानिया समझ सके कि उसका कथन गलत है?
उत्तर: विनीता सानिया से निम्नलिखित प्रश्न पूछ सकती है, जो उसे यह सोचने पर मजबूर करेंगे कि प्रतिजैविक हर बीमारी का समाधान नहीं हैं:
प्रश्न (i). क्या प्रतिजैविक विषाणु (Virus) से होने वाले रोगों पर प्रभावी हैं?
व्याख्या: प्रतिजैविक केवल जीवाणु/बैक्टीरिया के खिलाफ काम करते हैं, फ्लू या सामान्य जुकाम जैसे वायरस पर नहीं।)
प्रश्न (ii).यदि हम बिना आवश्यकता के बार-बार प्रतिजैविक लेंगे, तो क्या भविष्य में हमारे शरीर पर इनका असर कम नहीं हो जाएगा?
व्याख्या: इसे 'एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस' कहते हैं, जहाँ बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं।)
प्रश्न (iii). क्या प्रतिजैविक हमारे शरीर के लिए फायदेमंद 'मित्र बैक्टीरिया' को नुकसान नहीं पहुँचाते?व्याख्या: अत्यधिक एंटीबायोटिक्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देते हैं, जो पाचन के लिए जरूरी हैं।)
क्या कैंसर या मधुमेह जैसे असंचरणीय रोगों को प्रतिजैविक दवाओं से ठीक किया जा सकता है?व्याख्या: प्रतिजैविक केवल संक्रमण के लिए हैं, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए नहीं।)
प्रश्न (iv). क्या दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय रोगों से बचने के लिए स्वच्छता और सावधानी बरतना बेहतर नहीं है?
व्याख्या: 'बचाव उपचार से बेहतर है'। हर बीमारी के लिए दवा खाना शरीर के अंगों, जैसे लीवर और किडनी पर दबाव डाल सकता है।)
निष्कर्ष: विनीता इन प्रश्नों के माध्यम से सानिया को यह समझा सकती है कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतनी गलत है और प्रतिजैविकों का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
प्रश्न 7. दी गई तालिका के आधार पर एक बार ग्राफ (दंड आलेख) की कल्पना करते हुए निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(i) किन तीन महीनों में डेंगू के मामले सबसे अधिक थे?
(ii) किस महीने अथवा महीनों में मामले सबसे कम थे?
(iii) डेंगू के सर्वाधिक प्रकोप वाले महीनों में कौन-से प्राकृतिक या पर्यावरणीय कारण इसके मामलों में वृद्धि का कारण बन सकते थे?
(iv) कुछ ऐसे निवारक उपाय सुझाइए जो समुदाय अथवा सरकार द्वारा ऐसे समय से पूर्व किए जा सकते हैं जब डेंगू के मामले सबसे अधिक होते हैं?
उत्तर:
(i) किन तीन महीनों में डेंगू के मामले सबसे अधिक थे?
उत्तर: तालिका के अनुसार, जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों में डेंगू के मामले सबसे अधिक थे (प्रत्येक माह में 65 मामले)।
(ii) किस महीने अथवा महीनों में मामले सबसे कम थे?
उत्तर: जनवरी महीने में डेंगू के मामले सबसे कम थे (केवल 10 मामले)।
(iii) डेंगू के सर्वाधिक प्रकोप वाले महीनों में कौन-से प्राकृतिक या पर्यावरणीय कारण इसके मामलों में वृद्धि का कारण बन सकते थे?
उत्तर: जुलाई से सितंबर के दौरान भारत में वर्षा ऋतु (Monsoon) होती है। इस समय होने वाली अधिक वर्षा के कारण जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जो एडीज मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करता है। साथ ही, नमी और तापमान में बदलाव भी मच्छरों के प्रजनन में सहायक होते हैं।
(iv) कुछ ऐसे निवारक उपाय सुझाइए जो समुदाय अथवा सरकार द्वारा ऐसे समय से पूर्व किए जा सकते हैं जब डेंगू के मामले सबसे अधिक होते हैं?
उत्तर: निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
स्थिर पानी का प्रबंधन: नालियों की सफाई और जमा हुए पानी को हटाना या उसमें तेल/दवा का छिड़काव करना।
जागरूकता अभियान: लोगों को "ड्राई डे" मनाने और कूलर, गमलों, टायरों में पानी जमा न होने देने के लिए प्रेरित करना।
फॉगिंग (Fogging): मच्छरों की संख्या कम करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से धुआं करना।
स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा: अस्पतालों में पहले से बेड और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना।
प्रश्न 8. कल्पना कीजिए कि आप एक विद्यालय के स्वास्थ्य अभियान के प्रभारी हैं। इस भूमिका में आप संचरणीय और असंचरणीय रोगों को कम करने के लिए कौन-कौन से मुख्य संदेश देंगे?
उत्तर: स्वास्थ्य प्रभारी के रूप में मेरे मुख्य संदेश निम्नलिखित होंगे:
1. संचरणीय रोगों (Communicable Diseases) के लिए:
(i). हमेशा साबुन से हाथ धोएं, कीटाणुओं को दूर भगाएं।
(ii). खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
(iii).अपने आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचें।
(iv). स्वच्छ और ढका हुआ भोजन ही ग्रहण करें।
2. असंचरणीय रोगों (Non-communicable Diseases) के लिए:
(ii). स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम या खेलकूद करें।
(ii). जंक फूड को कहें 'ना', फल और सब्जियों को कहें 'हां'।
(iii). तनाव मुक्त रहने के लिए पर्याप्त नींद लें और योग करें।
(iv). हानिकारक आदतों जैसे धूम्रपान या तंबाकू से दूर रहें।
प्रश्न 9. यह सलाह दी जाती है कि वायरल संक्रमण, जैसे— सर्दी, खाँसी या फ्लू में प्रतिजैविक (Antibiotics) औषधियाँ न लें। क्या आप इस सलाह के संभावित कारण बता सकते हैं?
उत्तर: वायरल संक्रमण में प्रतिजैविक औषधियाँ न लेने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
कार्य करने का तरीका: प्रतिजैविक औषधियाँ केवल जीवाणुओं (Bacteria) को मारने या उनकी वृद्धि रोकने के लिए बनाई जाती हैं। वे जीवाणुओं की कोशिका भित्ति बनाने की प्रक्रिया को बाधित करती हैं।
विषाणुओं पर बेअसर: विषाणु (Virus) की संरचना जीवाणुओं से बिल्कुल अलग होती है और उनके पास अपनी कोई कोशिका भित्ति नहीं होती। इसलिए, प्रतिजैविक दवाएं विषाणुओं पर कोई प्रभाव नहीं डालतीं।
एंटीबायोटिक प्रतिरोध (Resistance): बिना जरूरत के प्रतिजैविक लेने से शरीर के भीतर मौजूद बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति 'प्रतिरोधी' हो सकते हैं, जिससे भविष्य में गंभीर बीमारियों का इलाज करना कठिन हो जाता है।
अधिगम (Learning) के आधार पर प्रश्नों का निर्माण
अभी तक आपने जो पढ़ा है, उसके आधार पर आप स्वयं से ये प्रश्न पूछ सकते हैं:
(i). स्वास्थ्य और रोगमुक्त होने के बीच मुख्य अंतर क्या है?
(ii). एक संक्रामक रोग और एक गैर-संक्रामक रोग के बीच लक्षणों के आधार पर अंतर कैसे करेंगे?
(iii). टीकाकरण (Vaccine) हमारे शरीर को भविष्य के संक्रमणों के लिए कैसे तैयार करता है?
(iv). संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता क्यों महत्वपूर्ण है?
(v). क्या जीवनशैली में बदलाव लाकर मधुमेह जैसे असंचरणीय रोगों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है?
(i) स्वास्थ्य और रोगमुक्त होने के बीच मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर:
बिंदु |
स्वास्थ्य (Health) |
रोगमुक्त (Disease-free) |
परिभाषा |
यह शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण कल्याण की स्थिति है। |
यह केवल शरीर में किसी विशिष्ट रोग या व्याधि की अनुपस्थिति है। |
निर्भरता |
यह व्यक्ति के स्वयं के साथ-साथ उसके परिवेश और समाज पर भी निर्भर करता है। |
यह पूरी तरह से व्यक्ति के शरीर की स्थिति पर निर्भर करता है। |
दृष्टिकोण |
एक स्वस्थ व्यक्ति हमेशा ऊर्जावान और प्रसन्न महसूस करता है। |
एक रोगमुक्त व्यक्ति मानसिक रूप से तनावग्रस्त या सामाजिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है। |
(ii) एक संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग के बीच लक्षणों के आधार पर अंतर कैसे करेंगे?
उत्तर: संक्रामक रोग (Infectious Diseases): इनके लक्षण अक्सर अचानक दिखाई
देते हैं। इनमें बुखार, सूजन, दर्द, और शरीर के संक्रमण वाले हिस्से में लाली (Redness)
जैसे सामान्य लक्षण होते हैं। ये लक्षण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बाहरी रोगाणुओं
(Bacteria/Virus) से लड़ने के संकेत होते हैं। गैर-संक्रामक रोग (Non-infectious
Diseases): इनके लक्षण अक्सर धीरे-धीरे विकसित होते हैं और लंबे समय तक बने
रहते हैं। ये लक्षण शरीर के किसी अंग की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी से जुड़े होते हैं
(जैसे मधुमेह में बार-बार प्यास लगना या उच्च रक्तचाप में लगातार सिरदर्द)।
(iii) टीकाकरण (Vaccine) हमारे शरीर को भविष्य के संक्रमणों के लिए कैसे तैयार करता है?
उत्तर: टीकाकरण हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को "प्रशिक्षित"
करता है:
पहचान: टीके में रोग पैदा करने वाले रोगाणु का एक कमजोर या मृत हिस्सा होता है। जब इसे शरीर में डाला जाता है, तो शरीर इसे एक असली हमलावर मान लेता है।
एंटीबॉडी निर्माण: शरीर इस रोगाणु के खिलाफ विशिष्ट एंटीबॉडी तैयार करता है।
स्मृति (Memory): टीकाकरण के बाद, शरीर की कुछ कोशिकाएं इस रोगाणु की "याद" रख लेती हैं। भविष्य में जब असली रोगाणु हमला करता है, तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली उसे तुरंत पहचान लेती है और उसे बीमारी पैदा करने से पहले ही नष्ट कर देती है।
(iv) संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: व्यक्तिगत स्वच्छता (जैसे हाथ धोना, नहाना, साफ कपड़े पहनना) संक्रामक रोगों की
श्रृंखला को तोड़ती है:
रोगाणुओं का प्रसार रुकना: हाथ धोने से उन कीटाणुओं का सफाया हो जाता है जो दरवाजों के हैंडल, दूषित वस्तुओं या भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
स्वयं और दूसरों की सुरक्षा: स्वच्छता न केवल हमें बीमार पड़ने से बचाती है, बल्कि हमें 'वाहक' (Carrier) बनने से भी रोकती है, जिससे हम अनजाने में दूसरों को संक्रमित नहीं करते।
प्रवेश द्वार का बचाव: रोगाणु अक्सर हमारी नाक, आंखों और मुंह के जरिए शरीर में जाते हैं; स्वच्छता सुनिश्चित करती है कि ये हिस्से दूषित न हों।
(v) क्या जीवनशैली में बदलाव लाकर मधुमेह जैसे असंचरणीय रोगों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, जीवनशैली में बदलाव लाकर मधुमेह (विशेष रूप से टाइप-2) जैसे रोगों को काफी हद तक नियंत्रित और कभी-कभी 'रिवर्स' (ठीक) भी किया जा सकता है।
संतुलित आहार: चीनी और रिफाइंड कार्ब्स को कम करके जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर युक्त भोजन लेने से रक्त शर्करा (Blood Sugar) स्थिर रहती है।
नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन का बेहतर उपयोग करने में मदद करती है।
वजन प्रबंधन: अतिरिक्त चर्बी (विशेष रूप से पेट की) कम करने से चयापचय (Metabolism) में सुधार होता है।
तनाव और नींद: तनाव कम करने और पर्याप्त नींद लेने से हार्मोन का संतुलन बना रहता है, जो मधुमेह नियंत्रण के लिए अनिवार्य है।
विशेष नोट: हालांकि जीवनशैली से इसे नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन कुछ मामलों में
(जैसे टाइप-1 मधुमेह या आनुवंशिक कारण) दवाओं की भी आवश्यकता होती है। इसलिए
डॉक्टर की सलाह सर्वोपरि है।
प्रश्न 10. किसी संक्रमित व्यक्ति के उत्सर्जी पदार्थ द्वारा पेयजल के संदूषित होने पर निम्नलिखित में से कौन-कौन से रोग फैल सकते हैं?
विकल्प: यकृतशोध (हेपेटाइटिस) ए, क्षयरोग (टीबी), पोलियोमाइलाइटिस, हैजा, चेचक
उत्तर: संदूषित जल (Contaminated water) के माध्यम से फैलने वाले रोग निम्नलिखित हैं:
यकृतशोध (हेपेटाइटिस) ए
पोलियोमाइलाइटिस (पोलियो)
हैजा (Cholera)
नोट: क्षयरोग (टीबी) मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलता है और चेचक (Smallpox)
सीधे संपर्क या हवा की बूंदों से फैलता है।
प्रश्न 11. जब हमारा शरीर किसी रोगजनक (रोगाणु) का पहली बार सामना करता है तो हमारी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सामान्यतः कम होती है परंतु जब उसी रोगजनक से पुनः सामना होता है तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पहली बार की तुलना में कहीं अधिक प्रबल होती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर : ऐसा हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) की 'स्मृति' (Memory) के कारण होता है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:
प्राथमिक अनुक्रिया (Primary Response): जब कोई रोगाणु पहली बार शरीर में प्रवेश करता है, तो प्रतिरक्षा प्रणाली उसे पहचानने और उसके खिलाफ विशिष्ट एंटीबॉडी तैयार करने में समय लेती है, इसलिए प्रतिक्रिया धीमी होती है।
स्मृति कोशिकाओं का निर्माण: पहली मुठभेड़ के दौरान, हमारा शरीर कुछ 'स्मृति कोशिकाएं' (Memory Cells) बना लेता है जो उस विशिष्ट रोगाणु की पहचान को याद रखती हैं।
द्वितीयक अनुक्रिया (Secondary Response): जब वही रोगाणु दोबारा हमला करता है,
तो ये स्मृति कोशिकाएं उसे तुरंत पहचान लेती हैं और बहुत तेजी से तथा भारी मात्रा में
एंटीबॉडी का उत्पादन करती हैं।
यही कारण है कि दूसरी बार शरीर उस बीमारी से कहीं अधिक मजबूती और तेजी से लड़ता है, और अक्सर हमें पता भी नहीं चलता कि हम बीमार पड़ने वाले थे। टीकाकरण (Vaccination) का सिद्धांत भी इसी स्मृति पर आधारित है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) की कक्षा 8 की नई विज्ञान पाठ्यपुस्तक "जिज्ञासा" के अध्याय 3 "स्वास्थ्य: एक अमूल्य निधि" पर आधारित अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर नीचे दिए गए हैं।
8th Class Science अध्याय 3: "स्वास्थ्य: एक अमूल्य निधि"
1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
(i) इनमें से कौन-सा रोग संक्रामक (संचरणीय) है?
(क) मधुमेह (ख) कैंसर
(ग) हैजा (घ) अस्थमा
उत्तर: (ग) हैजा
(ii) मलेरिया किस जीव के काटने से फैलता है?
(क) मक्खी (ख) मादा एनोफिलीज मच्छर
(ग) कुत्ता (घ) चूहा
उत्तर: (ख) मादा एनोफिलीज मच्छर
(iii) प्रतिजैविक (Antibiotics) दवाएँ किसके विरुद्ध प्रभावी होती हैं?
(क) विषाणु (Virus) (ख) कवक (Fungi)
(ग) जीवाणु (Bacteria) (घ) प्रोटोजोआ
उत्तर: (ग) जीवाणु (Bacteria)
(iv) "विश्व स्वास्थ्य दिवस" कब मनाया जाता है?
(क) 5 जून (ख) 7 अप्रैल
(ग) 1 दिसंबर (घ) 2 अक्टूबर
उत्तर: (ख) 7 अप्रैल
8th Class Science अध्याय 3: "स्वास्थ्य: एक अमूल्य निधि"
2. अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type)
प्रश्न 1: स्वास्थ्य की परिभाषा क्या है?
उत्तर: डब्ल्यू.एच.ओ. (WHO) के अनुसार, पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक
कल्याण की स्थिति ही स्वास्थ्य है।
प्रश्न 2: दो संचरणीय रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर: सर्दी-जुकाम और टाइफाइड।
प्रश्न 3: टीके (Vaccine) का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: टीके हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को विशिष्ट रोगाणुओं से लड़ने के लिए प्रशिक्षित करते हैं।
प्रश्न 4: ओ.आर.एस. (ORS) का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर: शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण) होने पर, विशेषकर दस्त या हैजा के दौरान।
8th Class Science अध्याय 3: "स्वास्थ्य: एक अमूल्य निधि"
3. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type)
प्रश्न 1: संचरणीय और असंचरणीय रोगों में क्या अंतर है?
उत्तर: संचरणीय रोग: ये रोग हवा, पानी या सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं
(जैसे- फ्लू, मलेरिया)।
असंचरणीय रोग: ये रोग छूत से नहीं फैलते, बल्कि खराब जीवनशैली या आनुवंशिकता के
कारण होते हैं (जैसे- मधुमेह, हृदय रोग)।
प्रश्न 2: संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता क्यों आवश्यक है?
उत्तर: व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे नियमित हाथ धोना और नहाना, शरीर की सतह से कीटाणुओं को हटा देता है। इससे रोगाणुओं को शरीर में प्रवेश करने या दूसरों तक पहुँचने का अवसर नहीं मिलता।
प्रश्न 3: हमें वायरल बुखार में एंटीबायोटिक्स क्यों नहीं लेनी चाहिए?
उत्तर: एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया (जीवाणु) को मारती हैं। वायरल बुखार वायरस के कारण होता है, जिस पर ये दवाएँ बेअसर होती हैं। इनका अनावश्यक उपयोग शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
8th Class Science अध्याय 3: "स्वास्थ्य: एक अमूल्य निधि"
4. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type)
प्रश्न 1: मच्छर जनित रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया) से बचाव के लिए आप अपने समुदाय में
क्या सुझाव देंगे?
उत्तर: बचाव के मुख्य सुझाव निम्नलिखित हैं:
पानी का जमाव रोकें: कूलर, टायरों और पुराने बर्तनों में पानी जमा न होने दें क्योंकि मच्छर स्थिर पानी में अंडे देते हैं।
मच्छरदानी का प्रयोग: सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
पूरी बाजू के कपड़े: बाहर जाते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें।
कीटनाशकों का छिड़काव: समय-समय पर नालियों और गड्ढों में कीटनाशकों या मिट्टी के तेल का छिड़काव करें।
जागरूकता: लोगों को मच्छरों के जीवन चक्र और सफाई के महत्व के बारे में शिक्षित करें।
प्रश्न 2: टीकाकरण (Vaccination) की प्रक्रिया को समझाइए और यह समाज के लिए क्यों
महत्वपूर्ण है?
उत्तर: प्रक्रिया: टीके में मृत या कमजोर रोगाणु होते हैं जिन्हें शरीर में डाला जाता है। हमारा शरीर इनके खिलाफ 'एंटीबॉडी' बनाता है और भविष्य के लिए उन्हें याद रखता है। जब असली रोगाणु हमला करता है, तो शरीर उसे तुरंत पहचान कर नष्ट कर देता है।
महत्व: टीकाकरण न केवल व्यक्ति की रक्षा करता है, बल्कि पूरे समुदाय में संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ता है (हर्ड इम्युनिटी)। इससे पोलियो और चेचक जैसी घातक बीमारियों को दुनिया से खत्म करने में मदद मिली है।
प्रश्न 3: जीवनशैली में कौन-कौन से बदलाव लाकर हम असंचरणीय रोगों (NCDs) के जोखिम को कम कर सकते हैं?
उत्तर: 1. संतुलित आहार: भोजन में फल, सब्जियां बढ़ाएं और तेल, चीनी व नमक की मात्रा कम करें।
2. नियमित व्यायाम: प्रतिदिन कम से कम 30-45 मिनट शारीरिक गतिविधि जैसे योग या सैर करें।
3. नशीले पदार्थों से दूरी: धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।
4. तनाव प्रबंधन: मानसिक शांति के लिए ध्यान और पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) लें।
5.
नियमित
जांच:
समय-समय
पर ब्लड प्रेशर और शुगर की
जांच करवाते रहें




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