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कक्षा 6 के गणित अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
Class 6 Mathematics, Chapter 2: "Lines and Angles"
यह पाठ ज्यामिति की मौलिक अवधारणाओं जैसे बिंदु, रेखाखंड, रेखा, किरण और कोण
का परिचय देता है। इसमें बताया गया है कि बिंदु एक सटीक स्थान दर्शाता है, जबकि
रेखाखंड दो बिंदुओं के बीच की न्यूनतम दूरी है। रेखा दोनों दिशाओं में अनंत तक बढ़ती है,
और किरण एक निश्चित प्रारंभिक बिंदु से शुरू होकर एक ही दिशा में विस्तारित होती है।
यह स्रोत कोण को दो किरणों के मिलन से उत्पन्न झुकाव या घुमाव के रूप में परिभाषित
करता है। अंत में, पाठ में अध्यारोपण जैसी व्यावहारिक विधियों के माध्यम से विभिन्न
कोणों की तुलना करने और उन्हें नाम देने की प्रक्रिया सिखाई गई है।
सारांश
- एक बिंदु एक स्थिति निर्धारण करती है। उसे अंग्रेजी के बड़े अक्षर से व्यक्त किया जाता है।
- दो बिंदुओं को जोड़ने वाली सबसे छोटी दूरी एक रेखाखंड को दर्शाती है। बिंदु S और T का
मिलान करने वाले रेखाखंड को ST से दर्शाते हैं।
- एक रेखाखंड ST को दोनों तरफ बिना किसी अंत के विस्तृत करने पर एक रेखा प्राप्त
होती है। इसे ST से व्यक्त किया जाता है और कभी-कभी अंग्रेजी के छोटे अक्षर जैसे m से
भी व्यक्त किया जाता है। किरण, रेखा का एक भाग है जो रेखा पर स्थित कोई एक बिंदु
माना D से प्रारंभ होकर एक दिशा में बिना किसी अंत के विस्तृत होता है इसे DP से व्यक्त
किया जाता है, जहाँ P, किरण पर स्थित अन्य बिंदु है। एक उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु से
जब दो किरणें निकलती प्रतीत होती हैं तो एक कोण बनता है। दो किरणों OP और OM
से कोण ∠POM बनता है (इसे angle ∠MOP भी कह सकते हैं)। यहाँ O कोण का
शीर्ष है और किरणें OP और OM कोण की भुजाएँ हैं। घुमाव की मात्रा या कोण की एक
भुजा को शीर्ष से परित, दूसरी भुजा तक लाने के लिए जितना घुमाव आवश्यक होता है,
वही कोण का आकार (size) होता है।
- कोणों के आकार को अंशों (डिग्री) में मापा जाता है। एक पूर्ण घुमाव या मोड 360 डिग्री
माना जाता है जिसे ‘360°’ से व्यक्त किया जाता है।
- किसी कोण के डिग्री माप को चाँद (Protractor) की सहायता से माप सकते हैं।
- कोण, सरल कोण (180°), समकोण (90°), न्यून कोण (0° से अधिक और 90° से कम),
अधिक कोण (90° से अधिक और 180° से कम) और प्रतिवर्ती कोण (180° से अधिक
और 360° से कम), हो सकते हैं।
बिंदु (Point): एक बिंदु एक सटीक स्थान निर्धारित करता है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण
विशेषतायह है कि इसकी कोई लंबाई, चौड़ाई या ऊँचाई नहीं होती। इसे आमतौर पर
अंग्रेजी के बड़े अक्षरों, जैसे P, Z या T से दर्शाया जाता है।
रेखाखंड (Line Segment): दो बिंदुओं को जोड़ने वाला सबसे छोटा मार्ग रेखाखंड
कहलाता है। एक रेखाखंड के दो अंत बिंदु (end points) होते हैं, जो इसकी लंबाई को
निश्चित करते हैं। इसे AB या BA जैसे प्रतीकों से व्यक्त किया जाता है।
किरण (Ray) : किरण रेखा का वह भाग है जो एक निश्चित बिंदु से शुरू होती है और दूसरी
दिशा में अनंत (बिना रुके) बढ़ती जाती है।
जहाँ से यह शुरू होती है, उसे प्रारंभिक बिंदु (Starting Point) कहते हैं।
उदाहरण के लिए: लाइट हाउस का प्रकाश , टॉर्च की रोशनी, या सूरज की किरणें ।
पृष्ठ संख्या 15 'आइए, पता लगाएँ' के सवालों के हल
कक्षा 6 गणित अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
कक्षा 6 गणित
अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
प्रश्नावली 2.1
प्रश्न 1. नीचे दो बच्चों, रिहान और शीतल, ने कुछ सवाल पूछे हैं। उनके उत्तर यहाँ दिए गए हैं:
रिहान का सवाल |
शीतल का सवाल |
रिहान ने एक कागज पर एक बिंदु अंकित किया। वह उस बिंदु से जाने वाली कितनी रेखाएँ बना सकता है? |
शीतल ने एक कागज पर दो बिंदु अंकित किए। वह उन दोनों बिंदुओं से गुजरती हुई कितनी भिन्न रेखाएँ बना सकती है? |
रिहान का सवाल
उत्तर: एक बिंदु से बहुत सारी (अनंत) रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
अथवा
एक अकेले बिंदु से होकर अनंत (Infinite/असंख्य) रेखाएँ गुजर सकती हैं। आप एक बिंदु
से किसी भी दिशा में जितनी चाहें उतनी लाइनें खींच सकते हैं।
शीतल का सवाल:
उत्तर: दो बिंदुओं को जोड़ने वाली केवल एक ही सीधी रेखा होती है।
अथवा
दो निश्चित बिंदुओं से होकर केवल और केवल एक (1) ही सीधी रेखा गुजर सकती है।
प्रश्न 2. आकृति 2.4 में दिए गए रेखाखंडों के नाम लिखिए। पाँच अंकित बिंदुओं में से कौन-
से केवल एक रेख ाखंड पर स्थित हैं? कौन-से बिंदु किन्हीं दो रेखाखंडों (Line segments)
पर स्थित हैं?
(आकृति 2.4)
उत्तर: इस आकृति में हमें रेखाखंडों (Line segments) और बिंदुओं के बारे में बताना है।
रेखाखंडों के नाम: आकृति 2.4 में चार रेखाखंड हैं: LM, MP, PQ और QR।
केवल एक रेखाखंड पर स्थित बिंदु: बिंदु L और बिंदु R (ये अंत बिंदु हैं)।
दो रेखाखंडों पर स्थित बिंदु: बिंदु M, P और Q (ये वे बिंदु हैं जहाँ दो रेखाखंड आपस में
जुड़ रहे हैं)।
अथवा
उत्तर: 1.रेखाखंडों के नाम: इसमें कुल 4 रेखाखंड हैं: LM, MP, PQ और QR
2. वे बिंदु जो केवल एक रेखाखंड पर हैं: ये वे बिंदु हैं जहाँ से रेखा शुरू या खत्म हो रही है।
बिंदु L और बिंदु R
3.वे बिंदु जो दो रेखाखंडों पर स्थित हैं: ये वे कोने (जंक्शन) हैं जहाँ दो लाइनें मिल रही हैं।
बिंदु M, बिंदु P और बिंदु Q
प्रश्न 3. आकृति 2.5 में दी गई किरणों के नाम लिखिए। क्या T प्रत्येक किरण का प्रारंभिक बिंदु है?
उ त्तर: किरणों के नाम: यहाँ मुख्य रूप से दो किरणें हैं: TA और TB (इसे TN भी कह सकते हैं)।
प्रारंभिक बिंदु: हाँ, बिंदु T प्रत्येक किरण का प्रारंभिक (शुरुआती) बिंदु है।
अथवा
उत्तर: 1. किरणों (Rays) के नाम: यहाँ मुख्य रूप से दो दिशाओं में किरणें जा रही हैं:
TA और TB (या TN)
2. क्या T प्रत्येक किरण का प्रारंभिक बिंदु है?
उत्तर: हाँ, दोनों किरणें बिंदु T से ही शुरू हो रही हैं।
प्रश्न 4. एक कच्ची (rough) आकृति बनाइए और नीचे दिए गए प्रत्येक बिंदु का उपयुक्त
नामांकन कीजिए —
a. OP और OQ बिंदु O पर मिलते हैं।
b. XY और PQ बिंदु M पर प्रतिच्छेद करते हैं।
c. रेखा l पर बिंदु E और F स्थित हैं पर बिंदु D स्थित नहीं है।
d. बिंदु P, AB पर स्थित है।
उत्तर: यहाँ आपको अपनी कॉपी में चित्र बनाने हैं:
a. दो लाइनें OP और OQ बनाएँ जो बिंदु O पर एक-दूसरे को काटती हों।
b. दो रेखाएँ XY और PQ बनाएँ जो एक-दूसरे को बिंदु M पर काटती हों।
c. एक सीधी रेखा खींचें और उसका नाम 'l' रखें। उस पर कहीं भी बिंदु E और F बनाएँ,
लेकिन बिंदु D को रेखा से थोड़ा दूर (बाहर) बनाएँ।
d. एक रेखाखंड AB खींचें और उसके ऊपर कहीं भी एक बिंदु P अंकित करें।
अथवा
उत्तर :
a. दो रेखाएँ खींचें जो एक-दूसरे को बिंदु O पर काटती हों, एक पर P
और दूसरी पर Q अंकित करें।
b. 'X' के आकार में दो रेखाएँ बनाएँ, उनके कटान बिंदु को M नाम दें।
c. एक सीधी रेखा खींचें, उस पर E और F लिखें, और D को रेखा से थोड़ा दूर
ऊपर या नीचे बनाएँ।
d. एक रेखाखंड AB खींचें और उसके बीच में कहीं भी बिंदु P बना दें।
प्रश्न 5. आकृति 2.6 में निम्नलिखित के नाम बताइए—
a. पाँच बिंदु b. एक रेखा
c. चार किरणें d. पाँच रेखाखंड
उत्तर (आकृति 2.6 के आधार पर हमें इनके नाम लिखने हैं):
a. पाँच बिंदु: D,E,O,C,B
b. एक रेखा : रेखा DB (इसे DB भी लिख सकते हैं) (या DE या EO)
c. चार किरणें: OD,OE,OC,OB
d. पाँच रेखाखंड: DE,EO,OB,OC,DO
प्रश्न: 6. आकृति 2.7 में OA एक किरण है। यह O से शुरू होती है और बिंदु A से गुजरती है।
यह बिंदु B से भी गुजरती है।
a. क्या हम इसे OB भी नाम दे सकते हैं? क्यों?
b. क्या हम OA को AO लिख सकते हैं? क्यों अथवा क्यों नहीं?
a. क्या हम इसे OB भी नाम दे सकते हैं? क्यों?
उत्तर: हाँ, हम इसे OB नाम दे सकते हैं।
कारण: क्योंकि दोनों का प्रारंभिक बिंदु (Starting Point) O एक ही है और दोनों एक
ही दिशा में जा रही हैं। किरण का नाम उसके प्रारंभिक बिंदु और उस पर स्थित किसी भी
अन्य बिंदु के उपयोग से रखा जा सकता है।
b. क्या हम OA को AO लिख सकते हैं? क्यों अथवा क्यों नहीं?
उत्तर: नहीं, हम इसे AO नहीं लिख सकते।
कारण: किरण के नाम में पहला अक्षर हमेशा उसका प्रारंभिक बिंदु होना चाहिए। OA का
मतलब है कि यह O से शुरू होकर A की तरफ जा रही है, जबकि AO का मतलब होगा
कि यह A से शुरू होकर O की तरफ जा रही है, जो कि यहाँ गलत है।
2.5 कोण (Angle)
यहाँ कोण के बारे में मुख्य बातें समझाई गई हैं:
परिभाषा: जब दो किरणें एक ही प्रारंभिक बिंदु से निकलती हैं, तो उनके बीच उभयनिष्ठ
(common) कोण बनता है।
शीर्ष (Vertex): जिस बिंदु से दोनों किरणें निकलती हैं, उसे कोण का 'शीर्ष' कहते हैं
(आकृति 2.8 में बिंदु B)।
भुजाएँ (Arms/Sides): कोण बनाने वाली किरणों को कोण की 'भुजाएँ' कहते हैं
(जैसे BD और BE)।
नामांकन (Naming): कोण को ∠ चिन्ह से दर्शाया जाता है। इसे ∠B, ∠DBE या ∠EBD
लिखा जा सकता है।
ध्यान दें: कोण लिखते समय शीर्ष वाले अक्षर को हमेशा मध्य (बीच) में लिखा जाता है।
पृष्ठ 19 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर
अनुभाग: 'आइए, पता लगाएँ' (Lets explore)
कक्षा 6 गणित
अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
प्रश्नावली 2.2
प्रश्न 1: क्या आप दी गई आकृतियों में कोण ढूँढ़ सकते हैं? किसी भी एक कोण की
भुजाएँ बनाइए और शीर्ष का नाम दीजिए।
उत्तर : हाँ, दी गई आकृतियों (साइकिल और खिड़की के शीशे) में बहुत सारे कोण
देखे जा सकते हैं। जहाँ भी दो सीधी रेखाएँ आपस में मिल रही हैं, वहाँ एक कोण बन रहा है।
साइकिल की आकृति के लिए एक उदाहरण:
साइकिल के फ्रेम में जहाँ बिंदु 'C', 'B' और 'D' दिए गए हैं, वहाँ एक कोण बन रहा है।
कोण का नाम: ∠CBD (या ∠DBC)
भुजाएँ (Arms): किरण (Ray) {BC} और किरण {BD}।
शीर्ष (Vertex): बिंदु B।
इसी तरह, खिड़की के शीशे पर बनी किसी भी डिज़ाइन को चुनकर उसमें कोण,
उसकी भुजाएँ और शीर्ष को पहचाना जा सकता है।
पृष्ठ 20 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न 2: भुजा ST और SR को चिह्नित करते हुए कोण बनाइए।
उत्तर :
भुजा ST और SR का अर्थ है दो किरणें (Rays) {ST} और {SR} जो एक ही बिंदु से
शुरू हो रही हैं। वे बिंदु S पर मिलेंगी।
व्याख्या: जैसा कि ऊपर चित्र में दिखाया गया है, बिंदु S कोण का शीर्ष (Vertex) है
और ST व SR कोण की भुजाएँ (Arms) हैं। इस कोण का नाम angle ∠TSR या ∠ RST
लिखा जा सकता है।
प्रश्न 3: व्याखया कीजिए कि angle ∠APC को angle ∠P क्यों लिखा जा सकता है?
उत्तर : इस आकृति में बिंदु P शीर्ष (Vertex) है और तीन अलग-अलग किरणें {PA},
{PB} और {PC} इससे निकल रही हैं। इससे angle ∠APB, angle ∠BPC, और
angle ∠APC जैसे कई कोण बन रहे हैं।
अगर हम केवल 'angle ∠P' कहेंगे, तो यह स्पष्ट नहीं होगा कि हम तीनों में से किस
कोण की बात कर रहे हैं।
निष्कर्ष: इस स्थिति में, हम angle ∠APC को केवल angle ∠P नहीं लिख सकते हैं।
अगर हम केवल 'angle ∠P' कहेंगे, तो यह स्पष्ट नहीं होगा कि हम तीनों में से किस
कोण की बात कर रहे हैं ( angle ∠APB, angle ∠BPC, या angle ∠APC)। किसी
कोण को स्पष्ट रूप से नाम देने के लिए उसके तीनों बिंदुओं (जैसे A, P, और C) का
उपयोग करना चाहिए, जहाँ शीर्ष वाला अक्षर (यहाँ P) हमेशा बीच में हो।
प्रश्न
4:
नीचे
दी गई आकृति में अंकित कोणों
के नाम लिखिए।
उत्तर : आकृति में चिह्नित कोणों के नाम नीचे दिए गए हैं:
शीर्ष T पर बना बड़ा कोण: angle ∠PTR (यह {TP} और {TR} भुजाओं के बीच है)।
शीर्ष T पर बना छोटा कोण: angle ∠QTR (यह {TQ} और {TR} भुजाओं के बीच है)।
शीर्ष T पर बना कोण (अंदर की ओर): angle ∠QTP (या angle PTQ)।
प्रश्न 5: अपने कागज पर तीन बिंदु इस प्रकार अंकित कीजिए कि वे एक रेखा पर
स्थित न हों। उन्हें A, B और C से चिह्नित कीजिए। सभी संभव रेखाएँ खींचिए, जो इन
बिंदु-युग्मों से गुजरती हों। इस प्रकार आपको कितनी रेखाएँ प्राप्त होती हैं? उनके
नाम भी बताइए। A, B और C का प्रयोग करते हुए आप कितने कोण बना सकते हैं?
उन सभी के नाम लिखिए और आकृति 2.9 के अनुसार उनमें से प्रत्येक को एक चाप
के साथ चिह्नित कीजिए।
[Image showing three points A, B, and C not in a straight line,
connecting them to form a triangle, and labeling internal angles with arcs]
उत्तर : (a) रेखाओं की संख्या और उनके नाम : जब हम तीन गैर-रेखीय बिंदुओं A, B,
और
C
को
जोड़ते हैं,
तो
हमें
तीन
(3)
अलग-अलग
रेखाएँ (या
रेखाखंड)
प्राप्त
होती हैं।
रेखाओं के नाम: over left right arrow {AB}, over left right arrow {BC}, और
over left right arrow {AC} (इसे एक त्रिभुज के आकार के रूप में भी देखा जा सकता है)।
(b) कोणों की संख्या और उनके नाम : इन तीन बिंदुओं के उपयोग से हम तीन (3)
कोण बना सकते हैं (ये त्रिभुज के आंतरिक कोण हैं)।
(c) कोणों के नाम: angle ∠ABC (शीर्ष B पर), angle ∠BCA (शीर्ष C पर), और
angle ∠CAB (शीर्ष A पर)।
प्रश्न 6: अपने कागज पर चार बिंदु इस प्रकार अंकित कीजिए कि उनमें से कोई भी
तीन बिंदु एक रेखा पर न हों। उन्हें A, B, C और D से चिह्नित कीजिए। सभी संभव
रेखाएँ खींचिए, जो इन बिंदु-युग्मों से गुजरती हों। इस प्रकार आपको कितनी रेखाएँ
प्राप्त होती हैं? उनके नाम भी बताइए। आप A, B, C और D से कितने कोणों का
नामकरण कर सकते हैं? उन्हें लिखिए और उनमें से प्रत्येक को आकृति 2.9 के
अनुसार चाप (arc) द्वारा अंकित कीजिए।
अपने कागज पर चार बिंदु (A, B, C, D) इस प्रकार अंकित कीजिए कि उनमें से
कोई भी तीन बिंदु एक रेखा पर न हों।
उत्तर :
जब हम चार ऐसे बिंदु लेते हैं जिनमें से कोई भी तीन एक सीधी रेखा में नहीं हैं, तो उन्हें
आपस में जोड़ने पर हमें कुल 6 रेखाएँ प्राप्त होती हैं।
संभावित रेखाएँ: AB,BC,CD,DA,AC, BD।
कोण: इसमें कई कोण बनेंगे जैसे ∠ABC,∠BCD,∠ADC,∠DAB आदि।
अथवा
1. रेखाओं की संख्या और उनके नाम: जब हम चार ऐसे बिंदु लेते हैं जिनमें से कोई
भी तीन एक सीधी रेखा में नहीं हैं, तो उन्हें आपस में जोड़ने पर हमें कुल 6 रेखाएँ
प्राप्त होती हैं।
रेखाओं के नाम:
AB
BC
CD
DA
AC (विकर्ण/Diagonal)
BD (विकर्ण/Diagonal)
2. कोणों की संख्या और उनके नाम: इन चार बिंदुओं और छह रेखाओं की मदद
से हम कई कोण बना सकते हैं। मुख्य रूप से एक चतुर्भुज के अंदर 8 कोण
(प्रत्येक कोने पर दो, विकर्णों के कारण) और विकर्णों के कटान बिंदु पर भी कोण बनते हैं।
मुख्य कोणों के नाम (शीर्षों पर):
बिंदु A पर: ∠DAB,∠DAC,∠CAB
बिंदु B पर: ∠ABC,∠ABD,∠DBC
बिंदु C पर: ∠BCD,∠BCA,∠ACD
बिंदु D पर: ∠CDA,∠CDB,∠ADB
पृष्ठ 21: कोणों की तुलना (2.6)
प्रश्न: "नीचे दिए गए जानवरों को देखिए जिनका मुँह खुला है। क्या आप इनमें कोई
कोण देख सकते हैं? क्या आप इन चित्रों में दिए गए कोणों को छोटे से बड़े के रूप में
व्यवस्थित कर सकते हैं?"
उत्तर: हाँ, जानवरों के खुले हुए जबड़ों के बीच कोण बन रहे हैं।
अवलोकन: मगरमच्छ का मुँह सबसे अधिक खुला है, इसलिए उसका कोण
सबसे बड़ा है। मछली या छोटे पक्षी का मुँह कम खुला है, इसलिए उनका कोण छोटा है।
क्रम (छोटे से बड़ा): पक्षी < मछली < सांप < मगरमच्छ।
[Image showing acute, right, and obtuse angles for comparison]
प्रश्न::
"क्या
दो कोणों की तुलना हमेशा सरल
होती है?"

उत्तर: नहीं, दो कोणों की तुलना हमेशा सरल नहीं होती। यदि दो कोणों का माप
लगभग बराबर हो, तो केवल देखकर बताना कठिन होता है। इसके लिए हमें 'डिग्री'
या 'चाँद' (Protractor) की आवश्यकता होती है।
आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 23)
कक्षा 6 गणित
अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
प्रश्नावली 2.3
प्रश्न 1: एक आयताकार कागज़ को मोड़िए। अब घुमाव के निशान पर एक रेखा खींचिए।
घुमाव और कागज़ की भुजाओं के बीच बने कोणों को नाम दीजिए और उन कोणों की
तुलना कीजिए। आयताकार कागज़ को घुमाकर विभिन्न कोण बनाइए एवं उनकी तुलना
कीजिए। यह भी बताइए कि इनमें से कौन-सा कोण सबसे बड़ा है और कौन-सा कोण
सबसे छोटा है?
उत्तर: प्रक्रिया: जब आप कागज़ को मोड़ते हैं, तो मोड़ने वाली रेखा (crease) कागज़ के
किनारे के साथ दो कोण बनाती है।
तुलना: यदि आप कागज़ को बिल्कुल सीधा बीच से मोड़ते हैं, तो दोनों तरफ समकोण
(90°) बनेंगे। यदि आप तिरछा मोड़ते हैं, तो एक तरफ न्यून कोण (90° से छोटा) और
दूसरी तरफ अधिक कोण (90° से बड़ा) बनेगा।
बड़ा और छोटा कोण: अधिक कोण हमेशा न्यून कोण से बड़ा होता है। आप इन्हें
एक-दूसरे के ऊपर रखकर (अध्यारोपण द्वारा) भी देख सकते हैं कि कौन सा कोना
ज़्यादा खुला है।
प्रश्न 2: प्रत्येक स्थिति में बताइए कि कौन-सा कोण बड़ा है और क्यों?
यहाँ आकृति 2.10 के पास दिए गए कोणों की तुलना करनी है:
a. ∠AOB या ∠XOY
उत्तर: ∠XOY बड़ा है।
कारण: किरण OX और OY के बीच का झुकाव (खिंचाव), OA और OB के बीच के
झुकाव से अधिक है।
b. ∠AOB या ∠XOB
उत्तर: ∠XOB बड़ा है।
कारण: क्योंकि ∠AOB तो ∠XOB का ही एक हिस्सा है।
c. ∠XOB या ∠XOC
उत्तर: ∠XOC बड़ा है।
कारण: क्योंकि किरण OC, OB की तुलना में OX से अधिक दूरी पर (ज़्यादा घुमाव पर) है।
प्रश्न
3:
कौन-सा
कोण बड़ा है— ∠XOY
या
∠AOB?
कारण
बताइए।
उत्तर: अवलोकन: यदि हम चित्र को ध्यान से देखें या ट्रेसिंग पेपर का उपयोग करें, तो हम
पाएंगे कि ∠XOY बड़ा है।
कारण: किसी कोण का आकार उसकी भुजाओं की लंबाई पर निर्भर नहीं करता,
बल्कि इस पर निर्भर करता है कि भुजाएँ एक-दूसरे से कितनी खली (घुमाव) हुई हैं।
यहाँ X और Y के बीच का कोणीय विस्तार A और B के बीच से अधिक है।
बिना अध्यारोपण के कोणों की तुलना
पृष्ठ
के अंत में दो सारस पक्षियों
का चित्र (आकृति
2.10)
दिया
गया है:
चर्चा: दो सारस इस बात पर बहस कर रहे हैं कि किसकी चोंच अधिक खुल सकती है।
निष्कर्ष: जिस सारस की चोंच के ऊपरी और निचले हिस्से के बीच का घुमाव (कोण)
अधिक होगा, वही बड़ा कोण बनाएगा। इसे हम चोंच के फैलाव को देखकर आसानी से
समझ सकते हैं।
याद रखने योग्य बात: कोण का बड़ा या छोटा होना केवल इस बात पर निर्भर करता है कि
उसकी दोनों भुजाओं के बीच घुमाव (rotation) कितना है। भुजाएँ कितनी लंबी खींची
गई हैं, इससे कोण के माप पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
कोण (Angle): जब दो किरणें एक ही प्रारंभिक बिंदु से निकलती हैं, तो एक कोण बनता है।
उस बिंदु को 'शीर्ष' (Vertex) और किरणों को 'भुजाएँ' (Arms) कहते हैं।
कोणों के प्रकार:
न्यून कोण (Acute Angle): 0∘ से अधिक और 90∘ से कम।
समकोण (Right Angle): सटीक 90∘ (जैसे 'L' की आकृति)।
अधिक कोण (Obtuse Angle): 90∘ से अधिक और 180∘ से कम।
सरल कोण (Straight Angle): सटीक 180∘ (एक सीधी रेखा)।
प्रतिवर्ती कोण (Reflex Angle): 180∘ से अधिक और 360∘ से कम।
मापन: कोणों को 'अंश' (डिग्री) में मापा जाता है और इसे मापने के लिए चाँद
(Protractor) का उपयोग किया जाता है।
लंब रेखाएँ (Perpendicular Lines): जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को 90∘
(समकोण) पर काटती हैं, तो उन्हें लंब रेखाएँ कहते हैं।
पृष्ठ 28: आइए, खोजें! (कागज़ मोड़ने की गतिविधि)
प्रश्न: एक आयताकार कागज़ लीजिए और ∠AOB को दो समान कोणों में विभाजित कीजिए।
उत्तर: कागज़ को इस प्रकार मोड़िए कि भुजा OB, भुजा OA के बिल्कुल ऊपर आ जाए
(अर्थात उसे पूरी तरह ढक ले)। जो मोड़ने का निशान (crease) बनेगा, वह रेखा OC होगी।
यह रेखा ∠AOB को दो बराबर भागों में बाँट देगी।
पष्ठ 29: समकोण (Right Angle)
प्रश्न: यदि एक सरल कोण, एक पूर्ण घुमाव का आधा होता है, तो एक समकोण पूर्ण घुमाव
का कितना होगा?
उत्तर: एक समकोण, पूर्ण घुमाव का एक-चौथाई (1/4) हिस्सा होता है।
(चूंकि 360∘ ÷4= 90∘ )।
पृष्ठ 29 से पृष्ठ 31 आइए, पता लगाएँ ।
कक्षा 6 गणित
अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
प्रश्नावली 2.4
प्रश्न 1 : आपकी कक्षा की खिड़कियों में कितने समकोण हैं? क्या अपनी कक्षा में आप और
समकोण देख सकते हैं ?
उत्तर: खिड़की के प्रत्येक कोने पर एक समकोण बनता है। एक साधारण चौकोर खिड़की
में 4 समकोण होते हैं।
प्रश्न 2: बिंदु A को ग्रिड के दूसरे बिंदुओं से एक सरल रेखा में इस प्रकार जोड़ें की एक
'सरल कोण' (180°) प्राप्त हो। इसे करने के विभिन तरीके क्या हो सकते है ?
उत्तर: बिंदु A से एक सीधी रेखा खींचिए जो बिना मुड़े दूसरे बिंदु तक जाए।
(जैसे: C−A−B एक सीधी रेखा में)।
प्रश्न 3: बिंदु A को ग्रिड के दूसरे बिंदुओं से एक सरल रेखा में इस प्रकार जोड़ें की एक
''समकोण' (90 °) प्राप्त हो। इसे करने के विभिन तरीके क्या हो सकते है ?
उत्तर: बिंदु A पर 'L' जैसी आकृति बनाएँ। यदि रेखा AB क्षैतिज (horizontal) है, तो रेखा
AC लंबवत (vertical) होनी चाहिए।
प्रश्न 4: कागज़ को घुमाकर तिरछा निशान बनाइए। अब एक अन्य निशान बनाइए जो पिछले तिरछे निशान पर लंब (Perpendicular) हो।
a. अब आपके पास कितने समकोण हैं? तर्क संगत उत्तर दीजिए कि ये कोण पूर्णतया समकोण
हैं?
उत्तर: इस प्रक्रिया से हमें 4 समकोण प्राप्त होते हैं।
तर्क: जब दो रेखाएँ एक-दूसरे पर 'लंब' होती हैं, तो वे उस बिंदु पर 360∘ के घेरे को चार
बराबर भागों में बाँटती हैं। 360∘÷4=90∘, इसलिए प्रत्येक कोण पूर्णतया समकोण है।
b. वर्णन कीजिए कि आपने इसे कैसे मोड़ा ताकि जो व्यक्ति इस प्रक्रिया को करना नहीं
जानता वह आपकी प्रक्रिया का अनुसरण करके समकोण बना सके।
उत्तर: पहले कागज़ को किसी भी दिशा में मोड़कर एक सीधी क्रीज (निशान) बनाएँ।
अब कागज़ को दोबारा इस प्रकार मोड़ें कि पहले वाली क्रीज का एक हिस्सा दूसरे हिस्से के
बिल्कुल ऊपर आ जाए (अध्यारोपण)। जब आप कागज़ खोलेंगे, तो दोनों क्रीज जहाँ मिलेंगी,
वहाँ समकोण बनेगा।
पृष्ठ 31: कोणों का वर्गीकरण (Classification of Angles)
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ:
न्यून कोण (Acute Angle): वह कोण जो समकोण (90∘) से कम होता है।
समकोण (Right Angle): सटीक 90∘ का कोण समकोण होता है। (जैसे 'L' की आकृति)।
अधिक कोण (Obtuse Angle): वह कोण जो समकोण (90∘) से अधिक लेकिन
सरल कोण (180∘) से कम होता है।
पृष्ठ 31-32 आइए, पता लगाएँ
कक्षा 6 गणित
अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
प्रश्नावली 2.5
प्रश्न :1. पिछली आकृतियों में न्यून कोण, समकोण, अधिक कोण और सरल कोण को पहचानिए।
उत्तर: न्यून कोण: 'L' से छोटी दिखने वाली आकृतियाँ।
समकोण: 'L' जैसी सटीक दिखने वाली आकृतियाँ।
अधिक कोण: 'L' से ज़्यादा खुली हुई लेकिन सीधी रेखा से कम वाली आकृतियाँ।
प्रश्न :2. कुछ न्यून कोण और अधिक कोण भिन्न दशाओं में बनाइए।
उत्तर: विद्यार्थी अपनी कॉपी में अलग-अलग झुकाव वाली किरणें खींचकर इन्हें
बना सकते हैं। बस याद रखें: छोटा मुँह = न्यून कोण,
बड़ा मुँह (90° से ज़्यादा) = अधिक कोण।
प्रश्न :3. क्या आप जानते हैं कि न्यून और अधिक शब्दों का क्या अर्थ है?न्यून का अर्थ नुकीला और अधिक का अर्थ कुंद होता है। आपको क्या लगता है कि
इन शब्दों का चयन क्यों किया गया होगा?
उत्तर: गणित में 'न्यून' और 'अधिक' शब्दों का चयन इसलिए किया गया ताकि विद्यार्थी
केवल कोण को देखकर ही उसके झुकाव का अंदाजा लगा सकें। यदि वह नुकीला है तो
'न्यून' और यदि वह फैला हुआ या कुंद (Blunt) है तो 'अधिक'।
(I). न्यून कोण (Acute Angle): 'न्यून' का शाब्दिक अर्थ है 'कम' या 'छोटा'।
यह कोण 90∘ से छोटा होता है, इसलिए इसकी भुजाएँ एक-दूसरे के करीब होती हैं
और यह देखने में नुकीला (Sharp) लगता है। उदाहरण के लिए, पेंसिल की नोक या
चाकू की धार एक न्यून कोण बनाती है।
(ii). अधिक कोण (Obtuse Angle): 'अधिक' का शाब्दिक अर्थ है 'ज्यादा' या 'बड़ा'।
यह कोण 90∘ से बड़ा होता है, इसलिए इसकी भुजाएँ फैली हुई होती हैं और इसका कोना
कुंद (Blunt) यानी कम नुकीला लगता है।
प्रश्न :4. ज्ञात कीजिए कि नीचे दी गई आकृतियों में कितने न्यून कोण हैं
आकृति 1 त्रिभुज : इसमें 3 न्यून कोण हैं।
आकृति 2 त्रिभुज के अंदर त्रिभुज : इसमें 12 छोटे न्यून कोण दिख रहे हैं।
आकृति 3 त्रिभुज के अंदर 2 छोटे त्रिभुज : इसमें 21 छोटे न्यून कोण दिख रहे हैं।
(पैटर्न के अनुसार)।
पृष्ठ 35 आइए, पता लगाएँ
प्रश्न : 1. निम्नलिखित कोणों के माप लिखिए
a. ∠KAL ध्यान दीजिए कि इस कोण का शीर्ष बिंदु कोणमापक के केंद्रबिंदु पर संपाती है।
अतः KA एवं AL के बीच 1∘ कोणों की इकाइयों की संख्या से कोण KAL की माप पता
चलती है। गिनने पर, हम पाते हैं— ∠KAL=30∘
प्रश्न : 2 क्या मध्यम आकार के चिह्नों एवं बड़े आकार के चिह्नों का उपयोग करते हुए 5 या 10 में इकाइयों की संख्या गिनना संभव है?
उत्तर: हाँ, यह संभव है। बड़े चिह्न 10∘ के अंतराल को दर्शाते हैं और मध्यम चिह्न 5∘ के
अंतराल को।
b. ∠WAL चित्र के अनुसार, किरण AL आधार रेखा (दाहिनी ओर) से 30∘ पर है और
किरण AW नीचे की ओर 40∘ पर है। कुल माप = 30∘ (ऊपर) + 40∘ (नीचे) = 70∘
∠WAL=70∘
c. ∠TAK किरण AK आधार रेखा से 30∘ ऊपर है। किरण AT आधार रेखा से 100∘
नीचे
की ओर झुकी हुई है। कुल माप =
30∘+100∘=130∘ ∠TAK=130∘
प्रश्न : 3.मुड़े हुए कागज को खोलकर निशानों पर OB,OC .....आदि अंकित करें जैसा
आकृति 2.19 और 2.20 में दर्शाया गया है।
सोचिए ! आकृति 2.19 में, ∠AOB=∠BOC=∠COD=∠DOE=∠EOF=∠FOG=∠GOH=∠HOI=….... क्यों?
उत्तर: ∠AOB=∠BOC=∠COD=∠DOE=∠EOF=∠FOG=∠GOH=∠HOI=22.5o
क्योंकि यहाँ एक सरल कोण (180∘) को कागज मोड़कर 8 बराबर भागों में विभाजित किया गया है।
अतः प्रत्येक भाग का माप 180∘/8=22.5∘ होगा।
कोण समद्विभाजक : प्रत्येक चरण में, हमने आधे में मोड़ किए हैं। एक दिए हुए कोण से आधे कोण
को प्राप्त करने की प्रक्रिया को 'कोण का समद्विभाजक करना' कहते हैं। वह रेखा जो एक दिए गए
कोण को समद्विभाजित करती है, उसे कोण समद्विभाजक कहते हैं।
पृष्ठ 40-43 गणित प्रकाश | कक्षा 6 आइए, पता लगाएँ
कक्षा 6 गणित प्रकाश
अध्याय-2 "रेखाएँ और कोण"
प्रश्नावली 2.6
प्रश्न
:1.
चाँदें
का प्रयोग करते हुए निम्न
कोणों के डिग्री माप ज्ञात
कीजिए?
प्रथम कोण (∠IHJ): चाँदें (Protractor) से मापने पर यह लगभग 45∘ है।
द्वितीय कोण (∠GHK): चाँदें (Protractor) से मापने पर यह पूरा कोण
लगभग 30∘ है।
तृतीय कोण (∠IHJ): यह एक अधिक कोण (Obtuse angle) दिख रहा है,
इसका माप लगभग 110∘ है।
प्रश्न : 2. चाँदें का प्रयोग करते हुए अपनी कक्षा में दिख रहे विभिन्न कोणों के डिग्री माप
ज्ञात कीजिए।
उत्तर: विद्यार्थी अपनी कक्षा में निम्नलिखित वस्तुओं के कोण माप सकते हैं:
ब्लैकबोर्ड या किताब का कोना: 90∘
खुली हुई कैंची का कोण: लगभग 30∘ से 60∘
दीवार और फर्श के बीच का कोण: 90∘
प्रश्न : 3. नीचे दिए गए कोणों के अंश माप ज्ञात कीजिए। जाँच कीजिए कि क्या यहाँ
कागज के चाँदें का प्रयोग कर सकते हैं।
उत्तर: पहला कोण (∠IHJ): यह लगभग 60∘ है।
दूसरा कोण (∠IHJ): यह लगभग 120∘ है।
जाँच: हाँ, यहाँ कागज के चाँदें का प्रयोग किया जा सकता है। कोण के शीर्ष H को चाँदें के केंद्र पर
रखें और एक भुजा को आधार रेखा से मिलाएँ।
प्रश्न : 4. नीचे दिए गए कोण का अंश माप चाँद का प्रयोग करके किस प्रकार निकाला
जा सकता है?
उत्तर: इस वृहत कोण (Reflex Angle) को मापने के लिए, पहले अंदर के छोटे कोण को मापें।
यदि छोटा कोण x∘ है, तो वृहत कोण 360∘−x∘ होगा। चित्रानुसार, यदि छोटा कोण 60∘ है,
तो उत्तर 300∘ होगा।
प्रश्न : 5 . निम्न कोणों को मापिए और प्रत्येक का डिग्री माप लिखिए-
a. लगभग 70∘
b. लगभग 125∘
c. लगभग 40∘
d. लगभग 135∘
e. लगभग 150∘
f. लगभग 50∘
प्रश्न : 6. ∠BXE,∠CXE,∠AXB और ∠BXC के अंश माप ज्ञात कीजिए।
उत्तर: चाँदें (Protractor) पर दी गई रीडिंग के अनुसार:
∠BXE=115∘ (बिंदु E 0∘ पर है, B 115∘ पर)
∠CXE=85∘ (किरण XC 85∘ पर है)
∠AXB=180∘−115∘=65∘
∠BXC=115∘−85∘=30∘
प्रश्न : 7. ∠PQR,∠PQS और ∠PQT के अंश माप ज्ञात कीजिए।
उत्तर: (इन कोणों को मापने के लिए चाँदें को किरण QP पर आधार मानकर रखें):
∠PQR≈50∘
∠PQS≈80∘
∠PQT≈140∘
प्रश्न : 8. दिए गए निर्देशों के अनुसार पेपर क्राफ्ट बनाइए। अब कागज को पूरा खोलिए।
मोड़े जाने पर प्राप्त निशानों पर रेखाएँ खींचिए और इस प्रकार बने कोणों को मापिए।
उत्तर: यह एक व्यावहारिक गतिविधि है। जब आप कागज को खोलेंगे, तो आपको समरूपता
(Symmetry) के कारण कई कोण मिलेंगे (जैसे 45∘,90∘ आदि)।
प्रश्न : 9. आकृति 2.21 (a) में बने त्रिभुज के तीनों कोणों को मापिए और संबंधित कोण के
नीचे उसका माप लिखिए। तीनों मापों को जोड़िए। क्या प्राप्त होता है? इस प्रक्रिया का
आकृति 2.21 (b) और (c) के लिए भी प्रयोग कीजिए। अन्य त्रिभुजों पर भी इस प्रक्रिया का
प्रयोग कीजिए। फिर सामान्य तौर पर क्या होता है इसका अनुमान लगाइए।
उत्तर: आकृति (a) : ∠A+∠B+∠C≈60∘+60∘+60∘=180∘
आकृति (b): ∠A+∠B+∠C≈180∘
आकृति (c): ∠A+∠B+∠C≈180∘
निष्कर्ष: किसी भी त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180∘ होता है।
प्रश्न (अभ्यास)
6. अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं। दो संलग्न तीलियों के बीच कितने अंश माप का कोण होगा?
दो तीलियों के बीच सबसे बड़ा न्यून कोण क्या होगा?
हल:
एक पूरे चक्र (वृत्त) का कुल कोण = ∠360°
कुल तीलियाँ = 24
दो संलग्न तीलियों के बीच का कोण = ∠360° ÷ 24 = ∠15°
उत्तर: दो संलग्न तीलियों के बीच का कोण 15° होगा। दो तीलियों के बीच सबसे बड़ा
न्यून कोण (90° से कम) 75° (15° x 5) या ∠85° के आसपास की स्थिति पर निर्भर करेगा,
लेकिन संलग्न तीलियों के संदर्भ में उत्तर 15° मुख्य है।
7. पहेली— मैं एक न्यून कोण हूँ। यदि आप मेरे माप को दोगुना करते हो तो आपको न्यून
कोण ही प्राप्त होता है। यदि आप मेरे माप को तीन गुना करते हो तो पुनः न्यून कोण प्राप्त होगा।
यदि आप मेरे माप को चार गुना करते हो तो भी पुनः न्यून कोण ही प्राप्त होगा। पर यदि आप मेरे
माप को पाँच से गुना करते हो तो एक अधिक कोण प्राप्त होगा। मेरे कोणों के संभावित माप क्या
होंगे?
हल:
न्यून कोण का अर्थ है: कोण < 90°
अधिक कोण का अर्थ है: 90° < कोण < 180°
शर्त के अनुसार: 4 x कोण < 90° और 5 x {कोण} > 90°
यदि कोण 18° है: 4 x 18 = ∠72° (न्यून) और 5 x 18 = ∠90°
(समकोण - यह सटीक नहीं बैठ रहा)।
यदि कोण ∠19° है: 4 x 19 = ∠76° (न्यून) और 5 x 19 = ∠95° (अधिक कोण)।
उत्तर: संभावित माप 19° से 22° के बीच का कोई भी पूर्णांक हो सकता है।































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