7th Class Science अध्याय -1 विज्ञान का निरंतर बढ़ता संसार
Chapter 1: The Ever-Expanding World of Science
Chapter-1 Class 7th Science Text Book
अध्याय -1 विज्ञान का निरंतर बढ़ता संसार (Class 7th Science Notes in Hindi)
पाठ का सारांश (Summary)
- विज्ञान एक प्रक्रिया और सोचने की विधि: यह पाठ हमें बताता है कि विज्ञान केवल तथ्यों को रटने का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारे सुंदर संसार को समझने, प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और लगातार खोज करने की एक निरंतर प्रक्रिया है।
- जिज्ञासा और कल्पना की उड़ान: जिस प्रकार कागज का हवाई जहाज आकाश की ओर उड़ान भरता है, उसी प्रकार जब हमारी जिज्ञासा बढ़ती है, तो सीखने की यात्रा को भी एक नई उड़ान मिलती है। वैज्ञानिकों को भी वास्तविक हवाई जहाज बनाने की प्रेरणा कागज के हवाई जहाज और पक्षियों के पंखों के सरल प्रेक्षणों (observations) से ही मिली थी।
- परस्पर जुड़े हुए विषय: इस पाठ्यपुस्तक में हम भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भू-विज्ञान जैसे विभिन्न क्षेत्रों के बारे में पढ़ेंगे। ये सभी विषय अलग-अलग दिखने के बावजूद आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं।
- दैनिक जीवन में विज्ञान: पाठ में हमारे आस-पास होने वाले बदलावों और अनुभवों पर प्रश्न उठाने के लिए प्रेरित किया गया है—जैसे कुछ फलों का खट्टा होना, कपड़ों पर लगे हल्दी के दाग का रंग बदलना, बैटरियों का खत्म होना, बर्फ या ग्लेशियर का पिघलना और हमारे शरीर में होने वाले जैविक प्रक्रम (जैसे श्वसन और भोजन)।
- ब्रह्मांड और समय की समझ: इसमें यह भी समझाया गया है कि कैसे प्राचीन काल में लोग सूर्य की परछाई से समय मापते थे। इसके साथ ही पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की गतियों के कारण होने वाले दिन-रात और ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं को समझने पर जोर दिया गया है।
- एक वैज्ञानिक की तरह सोचना: अंत में, यह पाठ विद्यार्थियों को केवल प्रश्नों के उत्तर देने के बजाय एक सच्चे वैज्ञानिक की तरह नए, रचनात्मक और अद्भुत प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करता है।
Class 7th Science विज्ञान का निरंतर बढ़ता संसार
(The Ever-Expanding World of Science)
भाग 1: पाठ पर आधारित प्रश्नोत्तर-
प्रश्न 1: वैज्ञानिकों को वास्तविक वायुयान (हवाई जहाज) बनाने की प्रेरणा किस साधारण वस्तु से मिली? उत्तर: वैज्ञानिकों को वास्तविक वायुयान बनाने की प्रेरणा कागज के एक हवाई जहाज जैसी साधारण वस्तु से मिली।
प्रश्न 2: प्राचीन काल में (डिजिटल और विद्युत घड़ियों से पहले) मनुष्य समय का पता कैसे लगाते थे?
उत्तर: विद्युत और डिजिटल घड़ियों के युग से बहुत पहले, प्रारंभ में मनुष्य सूर्य के कारण बनने वाली वस्तुओं की परछाई को और उसकी स्थिति को देखकर समय बताते थे।
प्रश्न 3: पृथ्वी और चंद्रमा की परछाइयाँ बनने से कौन सी रोचक खगोलीय परिघटना होती है?
उत्तर: पृथ्वी और चंद्रमा की परछाइयाँ बनने से ग्रहण जैसी रोचक परिघटनाएँ होती हैं।
प्रश्न 4: विज्ञान की पुस्तक के अनुसार, एक बुद्धिमान छात्र या खोजी बनने के लिए क्या आवश्यक है?
उत्तर: बुद्धिमान होने और वैज्ञानिकों की तरह सोचने के लिए केवल प्रश्नों के उत्तर देना ही नहीं, बल्कि जिज्ञासा के साथ नए और अद्भुत प्रश्न पूछना भी आवश्यक है ।
भाग 2: क्रियाकलाप 1.1 — उत्तरों के प्रश्न बनाइए (रचनात्मक अभ्यास)
पाठ्यपुस्तक में दिए गए उत्तरों के लिए कुछ अत्यंत जिज्ञासु और रोचक प्रश्न नीचे बनाए गए हैं:
1. उत्तर: "बस थोड़ा दूध डालें।"
प्रश्न: 1 बिल्ली के छोटे बच्चे को पहली बार खाना देते समय हमें क्या करना चाहिए? / मेरी चाय बहुत गाढ़ी और कड़क लग रही है, इसे ठीक करने के लिए क्या करूँ?
2. उत्तर: "क्योंकि बिल्ली के दाँत टेढ़े थे।"
प्रश्न: 2 वह चूहा बिल्ली के पंजे में आने के बाद भी इतनी आसानी से कैसे बचकर भाग निकला?
3. उत्तर: "घबराइए मत, मेरे पास तौलिया है।"
प्रश्न: 3 अरे बाप रे! अचानक आई तेज़ बारिश के कारण मेरा सिर और किताबें पूरी तरह भीग गईं, अब क्या होगा?
4. उत्तर: "42"
प्रश्न: 4 मैराथन दौड़ पूरी करने के लिए एक धावक को लगभग कितने किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है?
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